विषय: आपकी जीवन-यात्रा, राष्ट्रसेवा और विकसित भारत के संकल्प को देश की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनाने के संबंध में।
आदरणीय प्रधानमंत्री जी,
सादर प्रणाम! 🙏
भारत के इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिनकी जीवन-यात्रा केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता की कहानी नहीं होती, बल्कि करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन जाती है।
आपकी जीवन-यात्रा भी ऐसी ही प्रेरणादायक यात्रा है।
गुजरात के छोटे से नगर वडनगर से प्रारम्भ होकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद, प्रधानमंत्री पद तक पहुँचना केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि संघर्ष, अनुशासन, आत्मविश्वास, परिश्रम और राष्ट्रसेवा के संकल्प का उदाहरण है।
एक सामान्य परिवार में जन्म लेकर आपने कठिन परिस्थितियों में जीवन का अनुभव प्राप्त किया। संगठनात्मक कार्यों से लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर वर्ष 2014 में देश के प्रधानमंत्री बनने तक की आपकी यात्रा यह संदेश देती है कि परिस्थितियाँ चाहे कैसी भी हों, दृढ़ संकल्प और निरंतर परिश्रम से बड़े लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं।
प्रधानमंत्री के रूप में आपके नेतृत्व में स्वच्छ भारत अभियान, जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा आधारभूत संरचना के विकास जैसे अनेक प्रयासों ने देश की विकास यात्रा को नई दिशा दी है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बढ़ती पहचान और वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प भी देशवासियों के लिए एक बड़ा राष्ट्रीय लक्ष्य है।
माननीय प्रधानमंत्री जी,
आज मुझे लगता है कि देश के बच्चों और युवाओं को केवल आधुनिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि भारत के महान राष्ट्रनिर्माताओं और वर्तमान समय के प्रेरणादायक व्यक्तित्वों के जीवन से भी परिचित कराना आवश्यक है।
सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और दूरदर्शिता से देश की रियासतों का एकीकरण कर राष्ट्रीय एकता की मजबूत नींव रखी। उनकी विरासत हमें सिखाती है कि राष्ट्र की एकता और अखंडता से बड़ा कोई व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं हो सकता।
इसी प्रकार आपकी वडनगर से प्रधानमंत्री पद तक की यात्रा को भी देश के प्रत्येक विद्यालय, महाविद्यालय और समाचार-पत्रों के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुँचाया जाना चाहिए।
मेरा विनम्र सुझाव है कि देशव्यापी स्तर पर ऐसा प्रेरणादायक अभियान चलाया जाए, जिसमें बच्चों और युवाओं को सरदार पटेल सहित महान राष्ट्रनिर्माताओं के जीवन, संघर्ष, विचारों और आपके जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों से परिचित कराया जाए।
इससे नई पीढ़ी में देशभक्ति, अनुशासन, आत्मनिर्भरता, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना विकसित होगी।
मैं यह निवेदन किसी व्यक्तिगत अपेक्षा या स्वार्थ से नहीं, बल्कि एक सामान्य भारतीय नागरिक के रूप में राष्ट्रहित की भावना से कर रहा हूँ।
मेरा विश्वास है कि देश का वास्तविक विकास केवल सड़कों, भवनों और आर्थिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि जागरूक, संस्कारी, ईमानदार और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिकों के निर्माण से होता है।
आपके नेतृत्व में विकसित भारत का सपना तभी पूर्ण होगा, जब देश का प्रत्येक बच्चा अपने कर्तव्य को समझे और प्रत्येक नागरिक राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखे।
अंत में मेरी यही प्रार्थना है कि आने वाली पीढ़ियाँ इतिहास को केवल पढ़ें नहीं, बल्कि उससे प्रेरणा लेकर भारत के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपना योगदान भी दें।
सादर प्रणाम एवं राष्ट्रसेवा के लिए शुभकामनाएँ।
एक सामान्य भारतीय नागरिक की ओर से।
जय हिंद! जय भारत! 🇮🇳
राजेंद्र सिंह तुसीर
राष्ट्रीय विचारधारा
दिनांक 31.10.2026